Sunday, January 17, 2010

dhaage ko hindi main kya kehte hain?

धागा था कच्चा
जो तुमने उठाया
परखकर, अपनी ऊँगली पर नचाया
थोडा खींचा, ताना, फिर दी ढील
तो धागा, डगमगाया /

उसी को तुमने वापस लपेटा
यादों का एक संदूक जा खोला
अपने पिटारे में जगह बनायीं
और रेशम के रुमाल में
क्या वहीँ, उसे समेटा //

उस रेशम की नींद में
मैंने एक सपना देखा
और जैसे की सिनेमा में होता है
आया तभी वह सपना तुम्हे
और वह पल , कुछ तो बहका /

अब क्या वो धागा कहता..

तुम तो ठहरे कढ़ाई के जादूगर
उठाई सुई और लगे
तिरछी आँख से दूसरी आँख में
खेलने सुई-धागे का खेल
धागा भागा, कहीं चूंका
लेकिन जादू-टोने ने बड़ा धमकाया //

तुमने धागा क्या गिराया
लगे लिखने, अपना शाही उपन्यास
अपने, इस भागते मंडराते कलम से ;
कभी दिशा बदलता, कभी रूप
कभी खींच, तो कभी लचक
यहीं कुछ अक्षर बने, कुछ लोग
उन्हीं को उन रेखाओं में
कैद किया, और वहीँ आज़ाद हुए

उस आज़ादी के पट्ट-चित्र में
तुमने पिरोया, एक मोती
छोटा, पर कठिन
कुछ उस 'double' किये धागे की तरह
जिसके पैरों को कैद कर पक्की गाँठ में बाँधा/

बाँधा,
तो उसी गाँठ में वह पैर चले
कहीं घुंगरू की खनक उठी
आमद के बोल, एक सलामी, कुछ थाट गूंजी
वही सुनते, दिल झूम उठा
उन बंधे पैरों के नशे में
कुछ समा बंधा
कुछ हम बंधे /

धागा थिर्थिराया और आगे बढ़ा
एक कहानी लिखी, एक मोती जचा //

1 comment:

niarcane said...

beautiful composition, whose is it?